[Shivratri] ब्रह्मा विष्णु और महेश अजर और अमर नहीं है |
Shivratri2020,shivratri images, shivratri quotes, why shivratri celebrated,shivratri date, shivratri photo, shiv images, happy shivratri,shiv puja,shiv bhagan.
हमारे समाज में यह धारणा बहुत प्रचलित है कि ब्रह्मा विष्णु और महेश अजर और अमर है। परंतु ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। हमारे धार्मिक शास्त्र श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के स्कंध 3 अध्याय नंबर 5 में लिखा है। कि जब सृष्टि रचना हुई तब ब्रह्मा विष्णु और महेश जी माता दुर्गा से बात कर रहे थे, तब विष्णु जी माता दुर्गा से कहते हैं। कि है माता मे विष्णु सतोगुण, ब्रह्मा रजोगुण, और महेश तमोगुण हमारा तो जन्म और मृत्यु होती है तुम ही जगत जननी हो तुम ही नित्य हो तुम ही संसार की रचना करने में सक्षम हो। ( इस प्रकरण से आप यह मत समझना कि माता दुर्गा ही परमात्मा है यह बातें विष्णु द्वारा बोली गई हैं परमात्मा कोई और है जिसका प्रकरण माता दुर्गा ने दुर्गा पुराण में दिया है ब्रह्मा विष्णु और महेश को इस काल निरंजन तीनों देवों के पिता ने अपने पुत्रों को सच्चाई से दूर रखा है अर्थात भ्रम में रखा है)
 |
|
|
शिव जी के अमर ना होने का प्रमाण शिवपुराण में मिलता है। इस प्रकरण के बारे में काफी लोगों को पता होगा। एक बार की बात है जब भस्मासुर अपने सिर के बल शिव जी के घर के सामने तपस्या कर रहा था तब पार्वती जी शिव से बोली कि हे प्रभु आपका भक्त काफी समय से तपस्या कर रहा है आप उस पर कृपा करो पार्वती की इस बात को सुनकर शिव ने भस्मासुर को उसकी तपस्या का फल देने की सोची।
 |
Bhasmasur and Shiv
|
शिव जी ने भस्मासुर को तपस्या से उठाया और पूछा कि बोलो भक्त क्या चाहते हो तब भस्मासुर ने शिवजी को यह कहा कि हे प्रभु मुझे अमर कर दो। तब शिवजी बोले कि यह नहीं हो सकता जो इस संसार में पैदा होता है उसकी मृत्यु भी होती है यहां तक कि मेरी भी मृत्यु होगी पर मैं मेरी उम्र बहुत लंबी है। तब भस्मासुर ने भगवान शिव से भसम कड़े की मांग की और तब शिवजी ने भस्मासुर को कड़ा यह सोच कर दे दिया कि साधु संत है जंगल में रहता है पशु और राक्षसों से रक्षा के लिए भसम कड़ा मांग रहा है पर जैसे ही भस्मासुर के पास वह भसम कड़ा आया तभी वह अपने साधु वाले गुण भूल गया और बोला। शिव अब हो जा होशियार अब मैं इस भसम कड़े से तेरे को भस्म कर दूगा और पार्वती को अपनी पत्नी बना लूंगा। इस बात से भगवान शिव भयभीत हो गए और अपनी जान बचाने के लिए भाग लिए। (इस प्रकरण पर कुछ लोग यह कहेंगे कि यह तो भगवान की लीला है पर आप विचार कीजिए अगर भगवान शिव जी अमर होते तो भागते नहीं वह उसी समय भस्मासुर को वहीं पर भसम कर देते पर भगवान शिव अमर नहीं है इसलिए उन्हें उस समय अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा)भगवान शिव आगे आगे और भस्मासुर पीछे पीछे कड़ा लेकर भाग रहे थे। तभी भगवान विष्णु जी ने भगवान शिव की जान बचाने के लिए पार्वती रूप बनाया और भस्मासुर के सामने आए तब भस्मासुर पार्वती को देख कर रुक गए फिर पार्वती रूप में विष्णु जी ने भस्मासुर से एक शर्त रखी उन्होंने कहा कि तुम मुझे नृत्य कर कर दिखाओ फिर मैं तुमसे शादी करूंगी पर भस्मासुर एक साधु होने के कारण नृत्य नहीं जानता था तब पार्वती रूप में विष्णु जी ने नृत्य सिखाने के बहाने भस्मासुर को भस्म कर दिया (इस प्रकरण से आप यह मत समझिए गा की विष्णु जी सर्वशक्तिमान है। उनका फर्ज बनता था कि वह अपने भाई की जान बताएं) इस प्रकार भगवान शिव की जान भस्मासुर से बची।
अगर आपकी कोई भी शंका हो तो कमेंट बॉक्स में प्रकट करें।
Shivratri2020,shivratri images, shivratri quotes, why shivratri celebrated,shivratri date, shivratri photo, shiv images, happy shivratri,shiv puja,shiv bhagan
Comments
Post a Comment